छत्तीसगढ़

मतदाता सूची में ‘तार्किक विसंगति’ वाले मतदाता 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन, नहीं तो कट सकता है नाम

Shantanu Roy
4 Feb 2026 7:22 PM IST
मतदाता सूची में ‘तार्किक विसंगति’ वाले मतदाता 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन, नहीं तो कट सकता है नाम
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Durg. दुर्ग। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार तथा सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी 2026 के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य तेज गति से जारी है। इस प्रक्रिया के तहत जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगति’ की श्रेणी में पाए गए हैं, उन्हें 13 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से अपना सत्यापन कराना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराने की स्थिति में संबंधित मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, मतदाता सूची में तार्किक विसंगति का आशय ऐसे मामलों से है, जहां मतदाता की आयु, पता, दोहरी प्रविष्टि, मृतक मतदाता, स्थानांतरण या अन्य तकनीकी कारणों से संदेह उत्पन्न हुआ है। इन विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि एक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा विसंगति की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं की सूची सार्वजनिक कर दी गई है। यह सूची ग्राम पंचायत भवनों, तहसील कार्यालयों, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालयों तथा शहरी क्षेत्रों में संबंधित वार्ड कार्यालयों में चस्पा की गई है। मतदाता इन स्थानों पर जाकर अपना नाम सूची में देख सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका नाम सही स्थिति में दर्ज है या नहीं।

प्रभावित मतदाताओं को सूची के प्रदर्शन की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने या आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया गया है। यह प्रक्रिया मतदाता स्वयं व्यक्तिगत रूप से पूरी कर सकते हैं या अधिकृत प्रतिनिधि, जिनमें बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी शामिल हैं, के माध्यम से भी कराई जा सकती है। इसके लिए संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रभावित मतदाताओं को केवल दस्तावेज प्रस्तुत करने का ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यह पुनरीक्षण अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर किया जा रहा है।

ताकि पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें और अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का विशेष ध्यान रखें और यदि उनका नाम तार्किक विसंगति की श्रेणी में आता है, तो 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन अवश्य कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित तिथि तक सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण नहीं की जाती है, तो 21 फरवरी 2026 को होने वाले मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में संबंधित मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो सकेंगे। निर्वाचन प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसका उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता को वंचित करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाना है।
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